आइये एक साथ बैठे , मिलकर कुछ चर्चा करे .... ब्लोगिंग को एक नई पहचान दे । ब्लोगिंग केवल शब्दों का खेल भर नही है ..... आइये कुछ जानकारी भी हासिल करे । खोजी प्रवृति के लोगों का दिल से स्वागत है ....
Thursday, August 8, 2013
अंधेर नगरी, चैपट राजा, पुलिस थानो में फर्जी मुकदमे दर्ज करा जा।
Thursday, August 1, 2013
कप्तान साहब प्रेमनगर क्षेत्र में किसके इषारे पर चलता है सट्टा, षराब और नषे का कारोबार.....?
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में नषे, सट्टे और षराब का वो कौन कारोबारी है जिसके इषारे पर क्षेत्र में यह धन्धा फल फूल रहा है और पिछले कई महीनो में जितने भी चैकी इन्चार्ज व थानेदार तैनात रहे हैं वो कार्यवाही क्यो नही कर पाए। निष्चित रूप से यह सवाल इसलिए उठाया जा रहा है कि देहरादून के पुलिस कप्तान केवल खुराना को इमानदार पुलिस अफसर के रूप् में इसलिए जाना जाता है कि वह काफी इमानदार लोगो की कतार में खड़े नजर आते है लेकिन पुलिस कप्तान को प्रेमनगर क्षेत्र में पूरी पुलिस चैकी केा लाइन हाजिर क्यो करना पड़ा यह भी बड़ा सवाल देहरादून की जनता जनपद के पुलिस कप्तान से पूछती हुई नजर आ रही है। पुलिस कप्तान ने प्रेमनगर क्षेत्र में जाम लगने के कारण चैकी इन्चार्ज सहित पूरी चैकी को लाइन हाजिर कर दिया लेकिन क्या इसके बाद महकमा ऐसी घटनाएं रोक पाने में कामयाब हो जाएगा इस सवाल का जवाब आने वाले समय में जरूर मिलेगा लेकिन दोपहर के समय राजपुर रोड के घन्टाघर इलाके में लम्बा जाम लग जाता है और धारा चैकी इन्चार्ज जाम को दुरूस्त कर पाने में नाकामयाब साबित होते हैं लेकिन जनपद के पुलिस कप्तान को यह बात भी समझनी होगी कि प्रेमनगर क्षेत्र में सहसपुर जाने के दौरान जाम की जो हालत देखी गई उसी तर्ज पर धाराचैकी क्षेत्र में भी जाम का आंकलन खुद करें और अगर यह बात सच साबित होती है तो खुद ही तय करें कि क्या चैकी इन्चार्ज इसके लिए दोशी नहीं। बड़ सवाल यह भी उठ रहा है कि जनपद देहरादून की पुलिसिंग को लेकर जैसे दावे कप्तान केवल खुराना ने तैनाती के बाद किए थे अब उन दावो की हवा निकलती दिख रही है। सबसे पहले देहरादून की यातायात व्यवस्था को ठीक करने की वाहवाही लूटने वाले कप्तान को प्रेमनगर में जाम लगने के बाद इस हकीकत को बयां कर दिया कि अभी भी देहरादून की यातायात व्यवस्था पटरी पर नही आई है लेकिन मीडिया के कुछ लोगो द्वारा यातायात व्यवस्था को लेकर षुरूआती दौर में ऐसा बवंडर मचाया कि सड़को पर यातायात दिखता हुआ नजर नही आया लेकिन अब पंचायती मंदिर, घन्टाघर सहित कई जगहो पर जाम की बुरी हालत से फिर जनता को दो चार होना पड़ रहा है। इसके अलावा एक बड़ा सवाल देहरादून जनपद के पुलिस कप्तान से कि क्या वो ऐसे थानेदारो व चैकी इन्चार्जो के खिलाफ कार्यवाही करेंगें जो पुलिस की साख को बट्ट्ा लगाने का काम कर रहे हैं और पुलिस के मनोबल को खुद तोड़ रहे हैं। पुलिस के सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में देहरादून के पुलिस कप्तान की कार्यषैली से कई लोग परेषान नजर आ रहे हैं और उनका साफ मानना है कि देहरादून की पुलिसिंग अब पूरी तरह बदल गई है और थाने चैकियो की बजाए पुलिस लाइन में ही बेहतर नौकरी की जा सकती है इसके साथ्ी ही देहरादून के ऐसे पुलिसकर्मी जिनका एक दिन का वेतन पूर्व में काटा गया है वो भी ये सवाल पुलिस विभाग से नाम ना छापने की षर्त पर पूछ रहे हैं कि क्या एक दिन का वेतन काटे जाने का अधिकार जनपद के पुलिस कप्तान को है लेकिन पुलिस व्यवस्था को सुधारने के लिए हर किसी को खुद पहल करनी होगी और इमानदारी से काम कर ऐसे लोगो को जेल भेजना होगा जो वास्तविक रूप से अपराधो के लिए दोशी हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार जनपद देहरादून के अंदर पुलिस को कितनी षिकयतें मिली और उन पर क्या कर्यवाही हुइ इसका जवाब भी पद पुलिस के कप्तान के पास मौजूद नहीं क्योकि पिछले चार दिनो से लगातार जनपद के पुलिस कप्तान फोन उठाना तो दूर बात करने की जहमत भी नही उठा रहे, उनके मोबाइल फोन को कभी उनका गनर तो कभी उनके आॅफिस से पीआरओ फोन कर जानकारी हासिल कर लेता है लेकिन खबर के बारे में कोई भी यह बताने से बचता है कि आखिर देहरादून जिले में कितने षिकायती पत्रो पर क्या कार्यवाही हुई। अब देखना होगा कि क्या जनपद का पुलिस कप्तान पिछले एक सप्ताह के भीतर आई षिकायती पत्रो पर क्या कार्यवाही करते ळैं और षिकायत दर्ज ना करने वाले थाने व चैकी इन्चार्जाे को क्या सजा देते ळैं।
Monday, July 29, 2013
20 साल बाद दाऊद के खिलाफ चार्जशीट
नई दिल्ली। आईपीएल-6 में फिक्सिंग के दौरान सबसे ज्यादा फायदा डॉन दाऊद इब्राहिम को होता था। फिक्सिंग में सबसे ज्यादा रकम उसे ही जाती थी। दाऊद को ये पता होता था कि किस मैच का क्या नतीजा होगा।दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार्जशीट में इस बात को रखा है। स्पेशल सेल आईपीएल फिक्सिंग मामले में मंगलवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। बताया जा रहा है कि चार्जशीट में आरोपियों पर से अमानत में खयानत (409) की धारा हटा ली गई है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने चार्जशीट में दाऊद के नाम का जिक्र कॉलम-एक में किया है। पुलिस ने चार्जशीट में आईपीएल के माहौल के बारे में लिखा है। उसके अनुसार, आईपीएल के दौरान होटल में चेकिंग को कोई सिस्टम नहीं है। कोई भी क्रिकेटर से आसानी से मिल सकता है। पुलिस ने चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र किया है कि क्रिकेटर फिक्सरों के चुंगल में कैसे फंस जाते हैं।
पुलिस के अनुसार, आईपीएल में क्रिकेटर देश के लिए नहीं बल्कि क्लब के लिए खेलते हैं और क्लब का मालिकान भी गड़बड़ था। कई क्लब के मालिक फिक्सिंग व सट्टेबाजी में लगे रहते हैं। पुलिस चार्जशीट के साथ उन आईपीएल मैचों की सीडी भी कोर्ट को देने जा रही है, जिनमें फिक्सिंग हुई है। इसके अलावा खिलाड़ी व क्रिकेटरों की आवाज के सैंपल और सीएसएफएल की आवाज के सैंपलों की रिपोर्ट भी कोर्ट में जमा करवाई जा रही है। दिल्ली पुलिस ने 35 लोगों को आरोपी बनाया है।दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 1993 में मुंबई में सीरियल बम धमाके मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊ द के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। उसके बाद अब दाऊ द के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी।
Sunday, July 28, 2013
हुड्डा की राजनैतिक कब्र खोदने में जुटे वीरेन्द्र सिंह।
उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री की कुर्सी पर षतरंज की चली थी बेतुकी चाल।
हरियाणा। हुड्डा की राजनैतिक कब्र खोदने के लिए उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी व कांग्रेसी सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिल पाती कहकर सनसनी फैला दी है। उनके इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति से लेकर दिल्ली तक भूचला आ गया ळै इस भूचाल की जद में उत्तराखण्ड की राजनीति भी गोते खाती हुई नजर आ रही है क्योकि चैधरी वीरेन्द्र सिंह केन्द्रीय रेल मंत्री बनने की लिस्ट में सबसे उपर थे और उनके नाम का एलान लगभग हो चुका था लेकिन एंड टाइम में उनका नाम राजनैतिक विरोधियो द्वारा हटा दिया गया। ऐसी ही घटनाक्रम उत्तराखण्ड में उस वक्त देखने को मिला था जब मुख्यमंत्री के लिए फैसला किया जा रहा था तब भी मुख्यमंत्री का असल दावेदार यषपाल आर्य को माना जा रहा था लेकिन यषपाल को राजनैतिक बिसात पर चारो खाने चित्त कर चैधरी वीरेन्द्र सिंह ने बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनवा डाला था। जिसके बाद से मुख्यमंत्री का लगातार विरोध आज तक जारी है लेकिन यषपाल आर्य अभी भी बहुगुणा के सारथी बने हुए ळैं। उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी चैधरी वीरेन्द्र सिंह का यह बयान कि कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिलती कई तरह की षंकाओ को जन्म दे रहा ळै। उनका यह दर्द ऐसे समय में उजागर हुआ ळै जब देष के अंदर 2014 की रणनीति के साथ कांग्रेस मोदी के खौफ से बेचैन नजर आ रही है। आगामी 20 अगस्त को हरियाणा में सोनिया गांधी का रैली के माध्यम से कार्यक्रम निर्धारित है और हरियाणा की राजनीति में हुड्डा व चैघरी के बीच हमेषा से ही 36 का आंकड़ा रहा है और अब अपनी राजनैतिक जमीन को बचाने के लिए चैघरी हरियाणा की रैली में अपनी ताकत का एहसास सोनिया गांधी को कराना चाहते हें और षायद इसी कारण से उन्होने ऐसे समय में उस बयान को हवा दी है जो कांग्रेस के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है। चैघरी की हरियाणा से राजनैतिक जमीन को बंजर करने के लिए हुड्डा ने भी कोई कसर नही छोड़ी थी और तबसे लेकर आज तक हरियाणा की राजनैतिक जमीन पर चैधरी अपनी फसल लहराने में कामयाब नही हो पाए थे लेकिन अब चैधरी उत्तराखण्ड और दिल्ली की सियासत को इलविदा कहकर हरियाणा में अपना राजनैतिक ग्राफ बड़ाने में जुट गए हैं लेकिन उत्तराखण्ड में राजनैतिक बिसात की जिस षतरंज को उन्होने खेला था अब वहीं षतरंज उनकी राजनैतिक जमीन पर खेली जा रही है।
हरियाणा। हुड्डा की राजनैतिक कब्र खोदने के लिए उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी व कांग्रेसी सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिल पाती कहकर सनसनी फैला दी है। उनके इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति से लेकर दिल्ली तक भूचला आ गया ळै इस भूचाल की जद में उत्तराखण्ड की राजनीति भी गोते खाती हुई नजर आ रही है क्योकि चैधरी वीरेन्द्र सिंह केन्द्रीय रेल मंत्री बनने की लिस्ट में सबसे उपर थे और उनके नाम का एलान लगभग हो चुका था लेकिन एंड टाइम में उनका नाम राजनैतिक विरोधियो द्वारा हटा दिया गया। ऐसी ही घटनाक्रम उत्तराखण्ड में उस वक्त देखने को मिला था जब मुख्यमंत्री के लिए फैसला किया जा रहा था तब भी मुख्यमंत्री का असल दावेदार यषपाल आर्य को माना जा रहा था लेकिन यषपाल को राजनैतिक बिसात पर चारो खाने चित्त कर चैधरी वीरेन्द्र सिंह ने बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनवा डाला था। जिसके बाद से मुख्यमंत्री का लगातार विरोध आज तक जारी है लेकिन यषपाल आर्य अभी भी बहुगुणा के सारथी बने हुए ळैं। उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी चैधरी वीरेन्द्र सिंह का यह बयान कि कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिलती कई तरह की षंकाओ को जन्म दे रहा ळै। उनका यह दर्द ऐसे समय में उजागर हुआ ळै जब देष के अंदर 2014 की रणनीति के साथ कांग्रेस मोदी के खौफ से बेचैन नजर आ रही है। आगामी 20 अगस्त को हरियाणा में सोनिया गांधी का रैली के माध्यम से कार्यक्रम निर्धारित है और हरियाणा की राजनीति में हुड्डा व चैघरी के बीच हमेषा से ही 36 का आंकड़ा रहा है और अब अपनी राजनैतिक जमीन को बचाने के लिए चैघरी हरियाणा की रैली में अपनी ताकत का एहसास सोनिया गांधी को कराना चाहते हें और षायद इसी कारण से उन्होने ऐसे समय में उस बयान को हवा दी है जो कांग्रेस के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है। चैघरी की हरियाणा से राजनैतिक जमीन को बंजर करने के लिए हुड्डा ने भी कोई कसर नही छोड़ी थी और तबसे लेकर आज तक हरियाणा की राजनैतिक जमीन पर चैधरी अपनी फसल लहराने में कामयाब नही हो पाए थे लेकिन अब चैधरी उत्तराखण्ड और दिल्ली की सियासत को इलविदा कहकर हरियाणा में अपना राजनैतिक ग्राफ बड़ाने में जुट गए हैं लेकिन उत्तराखण्ड में राजनैतिक बिसात की जिस षतरंज को उन्होने खेला था अब वहीं षतरंज उनकी राजनैतिक जमीन पर खेली जा रही है।
टीईटी परीक्षा पास कराने के नाम पर सरकारी अध्यापक व कोचिंग इन्स्टीट्यूट संचालक गिरफतार।
हल्द्वानी। गुरू छात्र के जीवन में उसे आगे बड़ाने के साथ साथ ऐसे संस्कारो को भी भरता है जिसकी नीव पर उस छात्र की बुनियाद मजबूत होती है लेकिन गुरू के नाम पर छात्रो के भविष्य से खिलवाड़ कर लाखो रूप्ए टीईटी परीक्षा पास कराने के नाम पर पुलिस ने दो लोगो को सैकड़ो छात्रो के साथ गिरफतार किया है। देश भर मे टीईटी की परीक्षा शान्तिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो रही ळै वही उत्तराखण्ड के हल्द्वानी में सहायक अध्यापक के साथ कोचिंग इन्स्टीटयूट चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने भांडा फोड़ किया है। यह गिरोह पिछले काफी समय से परीक्षा पास कराने के नाम पर 150 से अधिक छात्रो को अपने झांसे में ले चुका था और हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यो के 70 से अधिक छात्रो को परीक्षा पास कराने के लिए जरूरी कागजातो के साथ एक वैडिंग प्वाइंट में इकठ्ठा कर लिया गया था। परीक्षा पास करने के बाद प्रत्येक छात्र से डेड़ से दो लाख रूप्ए लिए जाने तय हुए थे और यह रकम कई लोगो के बीच बांटी जानी तय थी। इस काम में दिल्ली के 4 छात्रो को भी मिलाया गया था जिन्हें बैंकट हाल में रूके छात्रो को पेपर उपलब्ध कराने थे। गैंग ने छात्रो को विश्वास में लेने के लिए दिल्ली से इन चारो लोगो के पेपर लाने की बात का विश्वास दिलाया था और एक ऐसा पेपर तैयार किया था जिससे छात्रो को यह यकीन हो जाए कि वह टीईटी की परीक्षा का पेपर दे रहे हैं। इस गैंग के काफी समय से उत्तराखण्ड के अलावा अन्य राज्यो में काम करने की जानकारी पुलिस को लग गई थी और आज प्रातः बिठोरिया स्थित सृष्टि बैंकट हाल में इस गैंग द्वारा जब वहां रूके छात्रो से उनके स्कूली दस्तावेजो को एकत्र किया जा रहा था तभी नैनीताल के एसएसपी सदानन्द दाते के नेतृत्व में पुलिस टीमो ने छापा मारकर यहां से इन लोगो को गिरफतार कर लिया। पुलिस को छापे के बाद पता चला कि लोहाघाट के सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात बलवन्त सिंह का पूर्व में भी वायरलैस की भर्ती में नाम सामने आया था लेकिन उस समय वह पुलिस के षिकंजे से बच निकला था। बलवन्त सिंह ने हल्द्वानी निवासी शशिकान्त जो कि कोचिंग इन्स्ट्ीट्यूट चलाता ळै के साथ मिलकर इस काम को अंजाम देने का खाका तैयार किया था और पुलिस पकड़े गए गिरोह से यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही ळै कि इनके द्वारा अन्य होने वाली परीक्षाओ के लिए भी तो अभ्यार्थियो से रकम वसूल नही की है, पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिल रही है कि इनके तार कई अन्य राज्यो से जुड़े होने की सम्भावाना भी हो सकती है।
Tuesday, July 2, 2013
वीना थाइलैंड में फिल्म की शूटिंग के दौरान चोटिल
बैंकॉक : अपने बोल्ड
इमेज को लेकर पर्दे पर और पर्दे के पीछे हमेशा सुर्खियों में रहने वाली
पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक ने एक बार फिर सुर्खियों में आई हैं. इस
बार हॉट इमेज को लेकर नहीं बल्कि फिल्म की शूटिंग के दौरान चोटिल होने के
कारण. वीना थाइलैंड में फिल्म की शूटिंग के दौरान चोटिल हो गईं.
वीना मलिक को फिल्म `सिल्क सक्कत मागा` की
शूटिंग के दौरान चोट लग गई. शूटिंग के दौरान वीना के पैर का नाखून उखड़
गया और खून बहने लगा. तुरंत डॉक्टर्स को बुलाया गया और मरहम पट्टी की गई.
कुछ घंटों के लिए शूटिंग रोकनी पड़ी.
वीना का कहना है कि चोट लगना उसके लिए नई
बात नहीं लेकिन यह चोट उसको भारी पड़ी क्योंकि वह जिस गाने की शूटिंग कर
रही थी उसमें रोमांस के लिए इमोशंस लाने थे. चोट लगने की वजह से उसके चेहरे
पर दर्द दिखाई दे रहा था और यह मेरे थोड़ा मुश्किल था. उल्लेखनीय है कि
भारत में अपने कैरियर की शुरूआत करने वाली हॉट वीना मलिक अपने बढते क्रेज
से काफी उत्साहित दिख रही है। सूत्रों के अनुसार सुपरहिट फिल्म "डर्टी
पिक्चर" की कन्नड़ में बनी रिमेक "सिल्क सकाथ हॉट मैगा" के लिए उसे
रिकॉर्डतोड परिश्रमिक दिया गया है।
Thursday, February 21, 2013
उत्तराखंड मीडिया सेंटर में विवाद, नारायण परगांई को जान से मारने की धमकी
देहरादून। खबर के खिलाफ बिलबिलाते हुए लोगों को तो देखा होगा लेकिन बिना
नाम छपे ही मीडिया सेन्टर में ‘‘पत्रकारों को किया कैद‘‘ नामक खबर से
रोजाना चाय की चुस्की लेने वाले ऐसे तथाकथित पत्रकार बिलबिला उठे कि जैसे
वह फिल्मी स्टाइल में अपनी गुन्डई दिखा रहे हों। मीडिया सेन्टर सचिवालय में
आज जी न्यूज के स्ट्रिंगर नरेश तोमर, न्यूज 24 के अधीर यादव व राजेश वर्मा
ने अपना आपा इस कदर खो डाला कि गाली-ग्लौज से लेकर जान से मारने तक की
धमकी दे दी गई।
रोजाना की तरह सचिवालय में खबरों के बाद देहरादून के पत्रकार नारायण परगांई ने दोपहर बाद उत्तराखण्ड के सचिवालय स्थित मीडिया सेन्टर में जैसे ही प्रवेश किया तो पत्रकारों के लिए बने कक्ष में राजेश वर्मा बीते दिनों छापी गई खबर की बौखलाहट दिखाते हुए फिल्मी स्टाइल में गुन्डई वाली भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां बकनी शुरू कर दी। विरोध करने पर हमेशा के लिए पत्रकारिता को भुला देने की धमकी भी दी गई। इसके बाद बढ़े विवाद के बाद न्यूज 24 के अधीर यादव व जी न्यूज के नरेश तोमर ने मिलकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट करनी चाही। वहां तमाशबीन बने एबीपी न्यूज के पत्रकार अतुल चैहान, आईबीएन7 के संजीव शर्मा एवं पत्रकारों के नेता के रूप में विश्वजीत नेगी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी गुंडों की भाषा प्रयोग करने वाले तथाकथित पत्रकारों को रोकने की कोशिश तक नहीं की, जबकि पत्रकारों को मीडिया सेन्टर में कैद करने की जानकारी एबीपी न्यूज के अतुल चैहान द्वारा ही दी गई थी।
घटना के बाद काफी देर तक सचिवालय मीडिया सेन्टर में हंगामे की स्थिति बनी रही। उसके बाद किसी तरह वहां से निकलने के बाद नारायण परगांई ने इसकी जानकारी अन्य पत्रकार मित्रों को दी, जिसके बाद सभी एक स्थान पर एकत्र होकर जनपद के पुलिस कप्तान केवल खुराना के आवास पर तीनों आरोपियो के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर तहरीर सौंपा। मीडिया सेन्टर में सरकार के खलाफ साजिश के ऐसे बीज बोए जाते हैं, जिसकी भनक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सूचना विभाग के अधिकारियों तक को नहीं। पूर्व में भी मीडिया सेन्टर विवादों के घेरे में रह चुका है। यहां के कम्प्यूटर सिस्टमों में पोर्न फिल्में देखे जाने की शिकायतें भी सूचना विभाग को लगी थी। अब देखना होगा कि दूसरो को आईना दिखाने वाले यह तथाकथित पत्रकार किस मुंह से अपना जवाब देते हैं।
रोजाना की तरह सचिवालय में खबरों के बाद देहरादून के पत्रकार नारायण परगांई ने दोपहर बाद उत्तराखण्ड के सचिवालय स्थित मीडिया सेन्टर में जैसे ही प्रवेश किया तो पत्रकारों के लिए बने कक्ष में राजेश वर्मा बीते दिनों छापी गई खबर की बौखलाहट दिखाते हुए फिल्मी स्टाइल में गुन्डई वाली भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां बकनी शुरू कर दी। विरोध करने पर हमेशा के लिए पत्रकारिता को भुला देने की धमकी भी दी गई। इसके बाद बढ़े विवाद के बाद न्यूज 24 के अधीर यादव व जी न्यूज के नरेश तोमर ने मिलकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट करनी चाही। वहां तमाशबीन बने एबीपी न्यूज के पत्रकार अतुल चैहान, आईबीएन7 के संजीव शर्मा एवं पत्रकारों के नेता के रूप में विश्वजीत नेगी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी गुंडों की भाषा प्रयोग करने वाले तथाकथित पत्रकारों को रोकने की कोशिश तक नहीं की, जबकि पत्रकारों को मीडिया सेन्टर में कैद करने की जानकारी एबीपी न्यूज के अतुल चैहान द्वारा ही दी गई थी।
घटना के बाद काफी देर तक सचिवालय मीडिया सेन्टर में हंगामे की स्थिति बनी रही। उसके बाद किसी तरह वहां से निकलने के बाद नारायण परगांई ने इसकी जानकारी अन्य पत्रकार मित्रों को दी, जिसके बाद सभी एक स्थान पर एकत्र होकर जनपद के पुलिस कप्तान केवल खुराना के आवास पर तीनों आरोपियो के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर तहरीर सौंपा। मीडिया सेन्टर में सरकार के खलाफ साजिश के ऐसे बीज बोए जाते हैं, जिसकी भनक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सूचना विभाग के अधिकारियों तक को नहीं। पूर्व में भी मीडिया सेन्टर विवादों के घेरे में रह चुका है। यहां के कम्प्यूटर सिस्टमों में पोर्न फिल्में देखे जाने की शिकायतें भी सूचना विभाग को लगी थी। अब देखना होगा कि दूसरो को आईना दिखाने वाले यह तथाकथित पत्रकार किस मुंह से अपना जवाब देते हैं।
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